समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने बुधवार को कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को इस बीजेपी सरकार ने अपनी मनमानी के चलते पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है. प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों ने मनमानी फीस बढ़ोत्तरी के साथ किताबें, काॅपी, जूते-मोजे और ड्रेस तक बेचना शुरू कर दिया है. अभिभावक लुट रहे हैं. जब स्कूल प्रबन्धकों ने लूट-खसोट शुरू कर दी, तब राज्य सरकार को होश आया है. एक औपचारिक फरमान अध्यादेश लाने का जारी कर दिया गया लेकिन उसको कैसे लागू किया जाएगा? यह अस्पष्ट है.

उन्होंने कहा कि जैसे गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाने की व्यवस्था का प्रबन्धक मजाक उड़ा रहे हैं और सरकार का शिक्षा विभाग कुछ कर नहीं पा रहा है. वैसा ही हाल फीस में मनमानी वृद्धि पर रोक लगाने का होगा. राजेंद्र चौधरी ने कहा कि स्थिति यह है कि सरकारी अकर्मण्यता के कारण बच्चों को स्कूल खुलने के समय किताबें नहीं मिल पाएगीं. जाड़ा जब बीत गया तब स्कूलों में आधे-अधूरे और दोयम दर्जे के स्वेटर बांटे गए. बस्ते, जूते-मोजे बंटे जो बहुत ही घटिया स्तर के हैं. बेमन से दबाव में कुछ को ही ये उपलब्ध हुए. तीन-चार महीने में ही वे फटने लगे. ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा‘ का उद्घोष प्रदेश में कहीं नजर नहीं आ रहा है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने हर वह काम किया है, जिससे नौजवानों में बेरोजगारी बढ़े और उनमें कुंठा पनपे. अभी परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर कई लाख छात्र-छात्राओं को घर बैठा दिया. पढ़ाई की पूरी व्यवस्था नहीं है, कोर्स पूरे नहीं हुए. रोजगार कहां है? मिलेगा नहीं. असंवेदनशीलता के चलते शिक्षा माफिया अपना एकाधिकार चला रहे हैं.राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बीजेपी राज में उत्तर प्रदेश में हर मोर्चे पर स्थितियां बिगड़ती जा रही हैं. अराजकता जैसी स्थिति है. सरकार की मनमानी से जनता परेशान है और प्रशासन पंगु है.
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