उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की कर्जमाफी के बाद प्रदेश के सहकारिता विभाग ने किसानों को नई सौगात दी है. उसने किसानों बड़ी राहत देते हुए एक मुश्त समाधान योजना की बुधवार को घोषणा की है. इस योजना में किसानों के दीर्घकालिक लोन पर ब्याज को माफ कर दिया गया है. किसान अब अपने बकाये को एक साथ जमा कर सकते हैं. बता दें ये वे किसान हैं, जिन्हें कर्जमाफी योजना में लाभ नहीं मिला था.

सहकारिता विभाग के ग्राम्य विकास बैंक का करीब 2542 करोड़ रुपये का किसानों का दीर्घकालीन लोन बकाया है. इस एक मुश्त समाधान योजना से सहकारिता विभाग को करीब 1500 करोड़ रुपए का नुकसान होगा.

प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बुधवार को बताया कि प्रदेश सरकार के किसानों की कर्जमाफी योजना में दीर्घकालीन ऋण को शामिल नहीं किया गया है. जिसकी वजह से वे किसान अभी भी कर्ज के बोझ दे दबे हैं, जिन्होंंने सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, डेयरी आदि के लिए दीर्घकालीन लोन लिया था. ऐसे किसानों का कर्ज, कर्जमाफी योजना में नहीं आया है.

सहकारिता मंत्री का दावा है कि उनके विभाग ने किसानों के लोन पर लगे ब्याज को माफ कर एक मुश्त समाधान योजना शुरू किया है. जिसमें एकमुश्त जमा करने पर ब्याज माफ कर दिया जायेगा. वहीं अलग-अलग समय में लिए गए लोन के लिये 35 फीसदी से 50 फीसदी ब्याज में छूट दी जा रही है.

उन्होंने कहा कि इस योजना से हमारा लक्ष्य है कि 1 हजार 28 करोड़ का मूलधन मिले. हमें 1500 करोड़ से ज्यादा के ब्याज में कटौती करनी है, जिसमें हमारा नुकसान होगा. लेकिन ये नुकसान उठाना कहीं बेहतर है, बजाए इसके कि किसानों कर्ज के बोझ से दबे. हम किसान के बोझ को कम करेंगे, अपने ब्याज को घटाएंगे. हम चाहते हैं कि हमारा अधिकतर कर्ज अदा हो जाए ताकि आगे किसान और कर्ज ले सके और आय दोगुनी करने को आगे बढ़ सके.
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